Saturday, March 7, 2026
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📢 राशन कार्ड धारकों के लिए जरूरी खबर: 30 अप्रैल तक कराएं e-KYC, वरना कट जाएगा नाम, नहीं मिलेगा मुफ्त राशन का लाभ!

अगर आप मध्य प्रदेश या दिल्ली के राशन कार्ड धारक हैं, तो आपके लिए एक बेहद अहम सूचना है। राज्य सरकार ने राशन कार्ड से जुड़े सभी हितग्राहियों के लिए e-KYC अनिवार्य कर दिया है। अगर 30 अप्रैल 2025 तक आपने e-KYC नहीं करवाई, तो आपका नाम राशन कार्ड लिस्ट से काट दिया जाएगा और आपको सरकारी राशन वितरण योजना का लाभ नहीं मिलेगा। आइए जानते हैं पूरी प्रक्रिया, जरूरी दस्तावेज और कैसे आप घर बैठे e-KYC कर सकते हैं।

✍️ क्यों जरूरी है राशन कार्ड की e-KYC?

सरकार ने पाया कि कई फर्जी राशन कार्ड धारक सरकारी योजनाओं का गलत फायदा उठा रहे थे।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब सभी राशन कार्ड धारकों का आधार से सत्यापन (e-KYC) करना अनिवार्य कर दिया गया है।

सही पात्र लाभार्थी तक अनाज पहुंचे, इसके लिए यह कदम उठाया गया है।

खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग भारत सरकार ने भी इस अभियान को तेज किया है।

👉 और जानें मध्यप्रदेश में सरकारी योजनाओं की ताजा अपडेट

📅 अंतिम तारीख: 30 अप्रैल 2025

राज्य सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि 30 अप्रैल 2025 के बाद बिना e-KYC वाले राशन कार्ड धारकों के नाम राशन कार्ड सूची से हटा दिए जाएंगे। इससे प्रभावित लाभार्थी भविष्य में मुफ्त राशन का लाभ नहीं उठा सकेंगे।

✅ मध्य प्रदेश और दिल्ली के नागरिकों के लिए अनिवार्य।
✅ अन्य राज्यों के लाभुकों को भी स्थानीय स्तर पर e-KYC कराने के निर्देश।

👉 देखें अपने राशन कार्ड की स्थिति यहाँ

📜 किन दस्तावेजों की जरूरत होगी?

  • राशन कार्ड नंबर
  • आधार कार्ड (सभी सदस्यों का)
  • आधार से लिंक मोबाइल नंबर
  • परिवार के मुखिया की पहचान

e-KYC करने का तरीका: Public Distribution System Portal

स्टेप बाय स्टेप प्रक्रिया:

  1. Public Distribution System (PDS) वेबसाइट पर जाएं।
  2. अपने राज्य का चयन करें (जैसे, मध्यप्रदेश या दिल्ली)
  3. होम पेज पर “राशन कार्ड के लिए e-KYC” का विकल्प चुनें।
  4. राशन कार्ड नंबर और आधार नंबर दर्ज करें।
  5. आधार लिंक मोबाइल नंबर पर आए OTP को डालें।
  6. सभी जानकारी वेरीफाई करें और e-KYC प्रक्रिया पूरी करें।

📲 मोबाइल से भी आप ‘Mera KYC’ और ‘AadhaarFaceRD’ ऐप की मदद से घर बैठे KYC कर सकते हैं!

मोबाइल से e-KYC कैसे करें? (Face Authentication)

  • ‘Mera KYC’ App और ‘AadhaarFaceRD’ App डाउनलोड करें।
  • राज्य सिलेक्ट करें।
  • लोकेशन वेरीफाई करें।
  • आधार नंबर और OTP डालें।
  • कैमरा ऑन करें, चेहरे को घेरें और झपकाएं।
  • ✔️ घेरा हरा होते ही आपकी e-KYC पूरी हो जाएगी!

👉 Mera KYC App Download

बिना KYC कराए क्या होगा?

  • राशन कार्ड से नाम हट जाएगा।
  • फ्री राशन योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
  • भविष्य में किसी भी सरकारी योजना का लाभ उठाने में कठिनाई होगी।

इसलिए तुरंत अपने नजदीकी जन वितरण प्रणाली (PDS) केंद्र जाकर या मोबाइल से खुद e-KYC कराएं।

👉 पढ़ें फ्री राशन योजना 2025 से जुड़ी पूरी खबर

🏢 अगर आप दूसरे राज्य में हैं तो क्या करें?

अगर आप अपने गृह राज्य से बाहर हैं, तो आपको वापस आने की जरूरत नहीं है। आप जहाँ हैं वहाँ के नजदीकी राशन दुकान या CSC सेंटर से भी e-KYC कर सकते हैं।
इसके लिए बस आपका मोबाइल नंबर आधार से लिंक होना चाहिए।

👉 CSC Center Near Me Search

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“जल्दी करें! 30 अप्रैल से पहले eKYC कराएं और सरकारी लाभ उठाएं!”

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मध्यप्रदेश में डॉक्टरों की संविदा नियुक्ति अब 70 वर्ष तक: स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा सुधार

भोपाल:
मध्यप्रदेश सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए डॉक्टरों की संविदा नियुक्ति की उम्र सीमा को बढ़ाकर 70 वर्ष करने की तैयारी कर ली है। उपमुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने विभागीय अफसरों को निर्देश दिए हैं कि इस संबंध में एक प्रस्ताव तैयार कर कैबिनेट में प्रस्तुत किया जाए।

इस फैसले से न केवल सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की भारी कमी को दूर करने में मदद मिलेगी, बल्कि वरिष्ठ चिकित्सकों के अमूल्य अनुभव का भी लाभ आम जनता तक पहुँचाया जा सकेगा।

“सरकारी भर्ती अपडेट पढ़ें”
👉 https://mppsc.mp.gov.in/

क्यों लिया गया यह निर्णय?

मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में कई अहम प्रयास जारी हैं। सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों की भारी कमी है, जिससे दूरदराज के इलाकों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही थीं।

डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने स्पष्ट कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि स्वास्थ्य सेवाएं हर व्यक्ति तक सहजता से पहुँचें और उनका स्तर उच्च गुणवत्ता वाला हो। वरिष्ठ डॉक्टरों का अनुभव, अत्याधुनिक मेडिकल कॉलेजों की स्थापना और समय पर भर्तियों की प्रक्रिया, इन सभी के जरिये व्यवस्था में सुधार लाया जाएगा।

प्रस्ताव के मुख्य बिंदु

  • 70 वर्ष की आयु तक संविदा सेवा: वरिष्ठ डॉक्टर अब 70 वर्ष की आयु तक संविदा पर सेवा दे सकेंगे।
  • तेजी से भर्ती प्रक्रिया: एमपीपीएससी के माध्यम से मेडिकल ऑफिसर और विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती को तेजी से पूरा किया जाएगा।
  • सीनियर डॉक्टर्स की विशेषज्ञता का उपयोग: अनुभवी डॉक्टरों का अनुभव, नए मेडिकल छात्रों और अस्पतालों के कार्य में शामिल किया जाएगा।
  • कैबिनेट से मंजूरी: प्रस्ताव को जल्दी से जल्दी कैबिनेट में लाकर पास कराने की योजना है।

डिप्टी सीएम की सक्रियता

डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने हाल ही में इंदौर में मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) के अफसरों के साथ बैठक भी की थी। बैठक में उन्होंने भर्ती प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने और सभी आवश्यक औपचारिकताओं को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश दिए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि एमपीपीएससी के साथ निरंतर संपर्क में रहें और बिना देरी के डॉक्टर्स की भर्ती को अंतिम रूप दें ताकि अस्पतालों में स्टाफ की कमी दूर हो सके।

मेडिकल कॉलेजों का भी होगा अपग्रेडेशन

राजेंद्र शुक्ल ने रीवा और इंदौर के मेडिकल कॉलेजों को अपग्रेड करने के भी निर्देश दिए हैं। इस अपग्रेडेशन के तहत:

  • कॉलेजों के भवन और अधोसंरचना का विकास किया जाएगा।
  • अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों की व्यवस्था होगी।
  • नए कोर्स और विशेषज्ञताओं को जोड़ा जाएगा।
  • अनुसंधान और नवाचार पर जोर दिया जाएगा।

सरकार का उद्देश्य है कि इन कॉलेजों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के मानकों पर खड़ा किया जाए।

“रीवा की अन्य खबरें देखें”
👉 https://www.health.mp.gov.in/en

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का भी समर्थन

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने भी हाल ही में स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में वरिष्ठ चिकित्सकों की सेवाएं लेते रहने के निर्देश दिए थे, जब तक नई भर्तियां पूरी नहीं हो जातीं।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए सभी विभाग एक साथ मिलकर काम करें।

संविदा नियुक्ति का प्रभाव

70 साल तक संविदा नियुक्ति की नीति लागू होने के बाद:

  • अस्पतालों में डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी।
  • दूरदराज के इलाकों में भी विशेषज्ञ सेवाएं मिल सकेंगी।
  • सीनियर डॉक्टरों के अनुभव से युवा डॉक्टरों को मार्गदर्शन मिलेगा।
  • मरीजों को बेहतर और सुलभ चिकित्सा सुविधा प्राप्त होगी।

यह कदम विशेष रूप से उन क्षेत्रों के लिए लाभकारी साबित होगा जहाँ लंबे समय से विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी थी।

भविष्य की दिशा

राज्य सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि आने वाले समय में अन्य राज्यों के डॉक्टरों को भी मध्यप्रदेश में सेवाएं देने का अवसर मिलेगा। साथ ही, मेडिकल एजुकेशन को भी आधुनिक बनाने की दिशा में बड़े निवेश और सुधार किए जाएंगे।

स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए टेक्नोलॉजी, टेलीमेडिसिन और डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड जैसी नई सुविधाओं को भी तेजी से लागू किया जाएगा।

“मध्यप्रदेश स्वास्थ्य सेवा में सुधार जानिए”

👉 https://mohfw.gov.in

निष्कर्ष

मध्यप्रदेश सरकार का यह निर्णय स्वास्थ्य क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकता है। वरिष्ठ डॉक्टरों का अनुभव, तेजी से भर्ती प्रक्रिया और मेडिकल कॉलेजों का विकास — ये सभी प्रयास स्वास्थ्य सेवाओं को व्यापक और बेहतर बनाएंगे।

डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में, राज्य में एक मजबूत और प्रभावी स्वास्थ्य तंत्र स्थापित करने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है।

आशा है कि जल्द ही मध्यप्रदेश के नागरिकों को उच्च गुणवत्ता वाली और समय पर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी।

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डोनाल्ड ट्रंप का बयान: “भारत-पाकिस्तान के बीच कश्मीर मुद्दे पर संघर्ष हजारों साल पुराना है” | जानिए अमेरिकी राष्ट्रपति का क्या था बयान

AG News डेस्क | 26 अप्रैल 2025
नई दिल्ली
भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर मुद्दा सदियों से विवाद का कारण रहा है, लेकिन हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान ने इस मुद्दे को फिर से अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में ला दिया। 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद, ट्रंप ने कहा कि कश्मीर में संघर्ष “हजारों वर्षों से” जारी है, और यह बयान दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के बीच आया है।

पहलगाम हमले के बाद ट्रंप का बयान
आतंकी हमले के बाद, ट्रंप ने एयरफोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “मैं भारत और पाकिस्तान दोनों के करीब हूं। वे कश्मीर में हजारों सालों से संघर्ष कर रहे हैं, शायद उससे भी ज्यादा समय से। कल (22 अप्रैल को) का हमला बहुत बुरा था।”

यह हमला कश्मीर में हिंदू तीर्थयात्रियों पर किया गया था, जिसमें 26 लोग मारे गए थे। यह हमले की गंभीरता को देखते हुए ट्रंप ने आगे कहा, “मुझे यकीन है कि भारत और पाकिस्तान इसे किसी न किसी तरह से सुलझा लेंगे।”

कश्मीर संघर्ष: क्या है इसका इतिहास?
कश्मीर का विवाद 1947 में भारत-पाकिस्तान विभाजन के बाद शुरू हुआ था। जब कश्मीर के महाराजा हरि सिंह ने भारत में शामिल होने का निर्णय लिया, तो पाकिस्तान ने इसका विरोध किया और कश्मीर को कब्जाने के प्रयास किए। इसके बाद से दोनों देशों के बीच कश्मीर एक विवाद का मुद्दा बन गया है, जो अब तक अनसुलझा है।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, कश्मीर में अब तक लाखों लोग मारे जा चुके हैं और अनगिनत संघर्ष हो चुके हैं। कश्मीर के स्थानीय लोग इस संघर्ष का सबसे ज्यादा शिकार हुए हैं, लेकिन इसमें अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप और प्रभाव भी बढ़ते गए हैं।

भारत-पाकिस्तान के बीच वर्तमान तनाव
हालिया आतंकवादी हमले के बाद, भारत सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ कई कड़े कदम उठाए हैं। इन कदमों में प्रमुख हैं:

  • सिंधु जल संधि को निलंबित करना, जिससे पाकिस्तान के खिलाफ भारत के कड़े रुख को दिखाया गया।
  • अटारी बॉर्डर चेकपोस्ट को बंद करना, ताकि पाकिस्तान से अवैध गतिविधियों को रोका जा सके।
  • SAARC वीजा छूट योजना (SVES) को स्थगित करना और पाकिस्तान के नागरिकों के भारत आने पर रोक लगाना।
  • पाकिस्तान के राजनयिकों को निष्कासित करना और उनकी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखना।

ये कदम भारत के इस संकल्प को दर्शाते हैं कि आतंकवाद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी प्रकार के आतंकवादी हमलों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय का रुख
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान उस समय आया है जब भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध पहले से ही तनावपूर्ण हैं। ट्रंप ने यह भी कहा कि वह भारत और पाकिस्तान दोनों के बीच शांति बनाए रखने के लिए अपने प्रयासों को जारी रखेंगे।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय का रुख भी महत्वपूर्ण हो सकता है, क्योंकि कश्मीर का विवाद केवल दो देशों के बीच नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय बन गया है। अमेरिका, चीन, रूस और अन्य प्रमुख देशों ने इस मुद्दे पर अपने विचार व्यक्त किए हैं, और यह दिखाता है कि कश्मीर विवाद का समाधान वैश्विक स्थिरता के लिए भी आवश्यक है।

भारत की सख्त नीति
भारत ने कश्मीर में आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए कई कठोर कदम उठाए हैं। इन कदमों में सुरक्षा बलों की संख्या में वृद्धि, आतंकवादियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और नागरिकों को सुरक्षा देने के लिए ठोस कदम उठाना शामिल है।

भारत का यह रुख साफ करता है कि अब आतंकवादियों के खिलाफ कोई नरमी नहीं बरती जाएगी, और कश्मीर में शांति बहाल करने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। इस समय, भारत और पाकिस्तान के बीच कोई भी संघर्ष पूरी दुनिया को प्रभावित कर सकता है, इसलिए दोनों देशों के लिए यह समय अपनी स्थिति स्पष्ट करने का है।

भारत का अंतरराष्ट्रीय रुख
भारत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी स्थिति मजबूत की है। भारत ने कई बार यह कहा है कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है, और पाकिस्तान को अपनी नीतियां बदलनी होंगी। साथ ही, भारतीय विदेश मंत्रालय ने यह भी बताया कि कश्मीर के मुद्दे पर भारत के रुख में कोई बदलाव नहीं आएगा, और पाकिस्तान से हर प्रकार की बातचीत तभी संभव है जब वह आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करे।

भारत और पाकिस्तान के भविष्य में शांति की उम्मीद?
अंततः, यह सवाल बना हुआ है कि क्या भारत और पाकिस्तान के बीच शांति संभव है? कई विशेषज्ञों का मानना है कि शांति की दिशा में कदम बढ़ाए जाने चाहिए, लेकिन साथ ही यह भी मानते हैं कि दोनों देशों के बीच विश्वास का संकट और कश्मीर विवाद को हल करने के लिए एक ठोस नीति की आवश्यकता है।

ट्रंप के बयान से यह उम्मीद जगी है कि कश्मीर संघर्ष का समाधान हो सकता है, लेकिन यह निश्चित करना कि दोनों देशों के बीच शांति स्थापित हो, इस समय केवल समय की बात है।

समाप्ति
भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर संघर्ष एक बेहद संवेदनशील मुद्दा है, जिसका समाधान दोनों देशों की नीतियों, बातचीत और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर निर्भर करेगा। अमेरिका का कश्मीर मुद्दे पर बयान अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक नया मोड़ ला सकता है, और आने वाले समय में कश्मीर के भविष्य का निर्धारण भारत, पाकिस्तान और वैश्विक समुदाय के सामूहिक प्रयासों पर निर्भर करेगा।

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MP Weather Update Today: 12 जिलों में लू, 20 जिलों में बारिश! जानें अपने शहर का हाल | April 26 Weather Alert

मध्य प्रदेश का मौसम फिर बदलने को तैयार है। एक तरफ जहां प्रदेश के कई जिले तेज लू की चपेट में हैं, वहीं दूसरी तरफ बारिश और गरज-चमक की संभावना भी जताई गई है। मौसम विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार, 26 अप्रैल से अगले तीन दिन मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।

मुख्य बिंदु (Weather Highlights):

  • खजुराहो 44.6 डिग्री के साथ सबसे गर्म शहर रहा
  • 12 जिलों में लू का अलर्ट, दोपहर में सतर्क रहें
  • 20 जिलों में बारिश का अलर्ट, गरज-चमक के साथ हल्की फुहारें
  • पश्चिमी विक्षोभ और ट्रफ सिस्टम कर रहा है मौसम प्रभावित
  • 26-28 अप्रैल तक बदला-बदला रहेगा मौसम
  • भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में गर्मी का प्रकोप बना रहेगा

कहाँ-कहाँ चलेगी लू? (Heatwave Alert Districts)

26 अप्रैल को इन जिलों में लू चलने की संभावना है:

  • रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी
  • छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला, बालाघाट
  • पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी

दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक घर से बाहर निकलने से बचें, अधिक पानी पिएं और शरीर को ढँक कर रखें।

बारिश कहाँ होगी? (Rain Alert Districts)

मौसम विभाग ने जिन 20 जिलों में बारिश की संभावना जताई है, उनमें शामिल हैं:

  • ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर
  • विदिशा, सागर, जबलपुर, नरसिंहपुर, मंडला, डिंडोरी
  • अनूपपुर, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, नर्मदापुरम

गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है, जिससे तापमान में हल्की गिरावट संभव है।

अगले तीन दिन का अनुमान (3-Day MP Weather Forecast)

26 अप्रैल:

  • बारिश: ग्वालियर, मुरैना, श्योपुर, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा
  • लू: रतलाम, झाबुआ, बड़वानी, खरगोन

27 अप्रैल:

  • बारिश: रीवा, मऊगंज, डिंडोरी, अनूपपुर, मंडला
  • लू: नीमच, मंदसौर, उज्जैन, धार, अलीराजपुर

28 अप्रैल:

  • बारिश: सीधी, सिंगरौली, डिंडोरी, बालाघाट
  • लू: खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, खरगोन

5 बड़े शहरों का हाल (Major City Weather)

शहरअधिकतम तापमान
ग्वालियर41.8°C
जबलपुर40.8°C
उज्जैन41.6°C
भोपाल41.2°C
इंदौर40.8°C

भोपाल और इंदौर में देर रात हल्की बारिश के आसार हैं, लेकिन दिन में गर्मी बरकरार रहेगी।

तापमान रिकॉर्ड्स (Temperature Records):

  • खजुराहो (छतरपुर): 44.6°C (MP में सबसे गर्म)
  • शिवपुरी: 44°C
  • दमोह: 43.5°C
  • नौगांव: 43.3°C
  • ग्वालियर/रतलाम: 43°C

न्यूनतम तापमान में भी बढ़ोतरी हुई है। भोपाल में रात का तापमान 25.2°C रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 3.4 डिग्री ज्यादा है।

मौसम में बदलाव की वजह (Reason Behind Weather Shift)

  • पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और
  • ट्रफ लाइन के चलते प्रदेश के मध्य और पूर्वी जिलों में नमी आई है।
  • इस कारण बिजली गिरने और बारिश की संभावना बनी है।

10 साल का तापमान ट्रेंड (10-Year Weather Trend)

  • ग्वालियर: 3 बार 44°C पार, एक बार 46.2°C (2018)
  • भोपाल: 29 अप्रैल 1996 – 44.4°C (रिकॉर्ड)
  • इंदौर: अप्रैल 2023 – 22.3 मिमी बारिश
  • जबलपुर: अप्रैल 1935 – 50.3 मिमी बारिश
    • उज्जैन: अप्रैल 2010 – 45.2°C तापमान

👉 और पढ़ें: भोपाल में पिछले 10 सालों का गर्मी का रिकॉर्ड
👉 जानें: कैसे लू से बचें – हेल्थ टिप्स

MP Weather Safety Tips:

✅ छाते का उपयोग करें
✅ शरीर को ढककर रखें
✅ हाइड्रेटेड रहें
✅ बुज़ुर्गों और बच्चों का खास ख्याल रखें
✅ तेज धूप में वाहन चलाने से बचें

मध्यप्रदेश में अप्रैल का अंत गर्मी और बारिश दोनों लेकर आ रहा है। कहीं लू का कहर है, तो कहीं बरसात राहत बन सकती है। इस समय सतर्क रहना और मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेना ज़रूरी है।

https://agnews.in/summer-safety

विस्तृत जानकारी के लिए IMD की वेबसाइट पर जाएं

IMD डेटा देखें – पिछले 10 वर्षों का तापमान रिकॉर्ड

🔗 https://mausam.imd.gov.in

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राजस्थान का मौसम बना ‘मूड स्विंग मशीन’! अगले 48 घंटे में बदलेगा सब कुछ — लू, बारिश और आंधी का तगड़ा कॉम्बो!

AG News | 25 अप्रैल 2025

राजस्थान के आसमान में इन दिनों मौसम का मिजाज एकदम फिल्मी हो गया है — कभी धूप का कहर, तो कभी बादलों की दस्तक और अब आंधी की एंट्री!

IMD का अलर्ट बज चुका है

25 और 26 अप्रैल को प्रदेश के कई जिलों में लू (हीटवेव) को लेकर चेतावनी जारी की गई है। वहीं दूसरी ओर, एक नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बारिश, गरज-चमक और तेज अंधड़ की संभावना जताई गई है। यानी एक साथ गर्मी की मार और तूफानी हवाओं का सामना — मौसम अब हर रंग दिखाएगा।

कहाँ-कहाँ दिखेगा असर?

जयपुर, भरतपुर और कोटा संभाग के कुछ हिस्सों में 26 अप्रैल को दोपहर बाद गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और 30-40 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। वहीं जोधपुर, नागौर, बाड़मेर, बीकानेर, चूरू, जैसलमेर समेत करीब 20 जिलों में लू का सीधा असर दिखेगा।

शनिवार से होगा बड़ा बदलाव

मौसम विभाग के अनुसार शनिवार से राज्य के कुछ हिस्सों में आंधी-बारिश का सिलसिला शुरू हो सकता है। पश्चिमी राजस्थान में तापमान 2 से 3 डिग्री तक और बढ़ सकता है, जिससे गर्मी का एहसास और तीव्र होगा।

मई में मिलेगी राहत?

मई के पहले सप्ताह में पूर्वी हवाएं और बैक-टू-बैक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होंगे, जिससे तापमान में गिरावट आएगी और हीटवेव से राहत मिलने की उम्मीद है। यानी गर्मी का ये तूफानी दौर थोड़े दिनों का मेहमान हो सकता है।

फिलहाल का हाल:

बाड़मेर ने एक बार फिर तपती लू में बाज़ी मार ली है। अधिकतम तापमान 44.8 डिग्री और न्यूनतम 28.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया — ये सामान्य से करीब 4.5 डिग्री ज्यादा है।

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पहलगाम हमले से आहत श्यामलाल की धर्म वापसी: दरगाह पर सुंदरकांड का पाठ, कव्वाली की जगह शांति का संदेश

इंदौर | 25 अप्रैल 2025

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को आक्रोशित और शोकाकुल कर दिया है। इस हमले की गूंज इंदौर तक भी सुनाई दी, जहां कुलकर्णी नगर निवासी श्यामलाल निनोरी ने अपनी ज़िंदगी का सबसे बड़ा फैसला लिया — 40 वर्षों की सेवा के बाद, उन्होंने सैयद निजामुद्दीन दरगाह से नाता तोड़कर दोबारा हिंदू धर्म अपना लिया।

शाहबुद्दीन से श्यामलाल तक की यात्रा

श्यामलाल निनोरी, जिन्हें स्थानीय लोग दशकों से ‘शाहबुद्दीन’ कहकर बुलाते थे, दरगाह की सेवा में पूरी निष्ठा से जुटे हुए थे। ग्वालियर ऑयल मिल परिसर में बनी इस दरगाह में उन्होंने कव्वाली, चादरपोशी और इबादत के सभी कार्य निभाए। लेकिन पहलगाम हमले ने उनकी आत्मा को झकझोर दिया। उन्होंने अपने भीतर की आवाज़ सुनी और एक शांतिपूर्ण तरीके से अपने मूल धर्म में वापसी का निर्णय लिया।

दरगाह पर कव्वाली नहीं, सुंदरकांड

धर्म परिवर्तन के प्रतीक के तौर पर श्यामलाल ने दरगाह पर इस बार कव्वाली के बजाए सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया। यह आयोजन उनके निर्णय की सार्वजनिक घोषणा थी, जिसमें उन्होंने यह स्पष्ट किया कि उनका यह कदम किसी समुदाय या धर्म के खिलाफ नहीं, बल्कि उनके आत्मिक शुद्धिकरण का प्रतीक है।

“पहलगाम में निर्दोषों पर हुआ हमला मेरे लिए आंखें खोलने वाला क्षण था। मैं अब अपने आरंभिक संस्कारों और धार्मिक आस्था की ओर लौट रहा हूं,” श्यामलाल ने कहा।

समाज की प्रतिक्रिया

स्थानीय समुदाय ने श्यामलाल के इस फैसले को शांति और धर्मनिरपेक्षता की मिसाल बताया। उनका मानना है कि भारत जैसे लोकतांत्रिक और बहु-सांस्कृतिक देश में हर व्यक्ति को अपनी आस्था और पहचान चुनने की पूरी स्वतंत्रता है।

यह घटना धार्मिक स्वतंत्रता पर एक प्रेरणादायक दृष्टिकोण पेश करती है और बताती है कि यदि परिवर्तन आत्मा की पुकार पर हो, तो वह समाज में समरसता और मानवीय मूल्यों को और मज़बूत करता है।

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विश्व मलेरिया दिवस 2025: मलेरिया पर वार, जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार

सीएम मोहन यादव ने किया आह्वान – “हर घर सुरक्षित, हर जीवन मलेरिया मुक्त”

AG News | 25 अप्रैल 2025 | भोपाल

हर साल 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस मनाया जाता है, और यह दिन हमें याद दिलाता है कि मलेरिया सिर्फ एक बीमारी नहीं, बल्कि एक वैश्विक चुनौती है। “मच्छर छोटा है, लेकिन खतरा बड़ा” – इस बात को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

इस मौके पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों से अपील की कि हम सभी मलेरिया के प्रति सतर्क रहें, और इसे जड़ से खत्म करने के लिए व्यक्तिगत स्तर पर जिम्मेदारी निभाएं। उन्होंने कहा –

“मलेरिया से बचाव ही सबसे बड़ा इलाज है। चलिए, मलेरिया मुक्त भारत की ओर मिलकर कदम बढ़ाएं।”

क्यों मनाते हैं विश्व मलेरिया दिवस?

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 2007 में विश्व मलेरिया दिवस की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य है मलेरिया के खात्मे के प्रयासों को वैश्विक मंच पर लाना और लोगों में इसके प्रति जागरूकता फैलाना।

मलेरिया कैसे फैलता है?

मलेरिया एनोफिलीज मच्छर के काटने से होता है, जो प्लास्मोडियम परजीवी को शरीर में पहुंचाता है।
इसके मुख्य लक्षण हैं:

  • बुखार और ठंड लगना
  • सिरदर्द और बदन दर्द
  • अत्यधिक थकान
  • कभी-कभी उल्टी और दस्त

जानिए इसके गंभीर असर

मलेरिया सिर्फ एक स्वास्थ्य समस्या नहीं, बल्कि ये आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक विकास को भी प्रभावित करता है।

  • गरीब और ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे अधिक प्रभाव
  • काम करने की क्षमता में गिरावट
  • बच्चों की पढ़ाई में रुकावट
  • WHO और विश्व बैंक की रिपोर्ट बताती है कि मलेरिया-प्रभावित देशों की GDP पर भी इसका असर पड़ता है

कैसे करें बचाव?

“बचाव ही इलाज है” – यही मलेरिया के खिलाफ सबसे कारगर हथियार है।

  • रात को मच्छरदानी का इस्तेमाल करें
  • घर के आसपास पानी जमा न होने दें
  • मॉस्किटो क्रीम और रिपेलेंट का प्रयोग करें
  • फुल आस्तीन के कपड़े पहनें
  • लक्षण दिखते ही तुरंत जांच कराएं और डॉक्टर से इलाज लें

AG News की अपील:

आज जब दुनिया टेक्नोलॉजी में आगे बढ़ रही है, तो हमें ऐसी बीमारियों से पीछे नहीं हटना चाहिए। मलेरिया के खिलाफ यह जंग सबकी है। आप जागरूक होंगे, तभी देश सुरक्षित होगा।

“हर मच्छर पर वार, जागरूकता हो हथियार”

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पीएम मोदी का सख्त संदेश: “अब आतंकियों की बची-खुची जमीन को भी मिट्टी में मिलाने का समय आ गया है”

नई दिल्ली/मधुबनी। पहलगाम आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। बिहार के मधुबनी में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने आतंकियों और उनके मददगारों को चेतावनी दी कि अब उनके खिलाफ निर्णायक कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि यह हमला सिर्फ निर्दोष नागरिकों पर नहीं बल्कि भारत की आत्मा पर हमला है, और अब आतंक की जड़ें भी खत्म कर दी जाएंगी।

पहली बार सार्वजनिक मंच से पीएम मोदी का बयान आतंकी हमले के बाद यह प्रधानमंत्री मोदी का पहला सार्वजनिक कार्यक्रम था। उन्होंने रैली की शुरुआत में ही पहलगाम हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी और लोगों से 2 मिनट का मौन रखने की अपील की। उन्होंने कहा, “जिस परिवार को हमने खोया है, उनके लिए प्रार्थना करें। पूरा देश दुखी है, लेकिन हम चुप नहीं बैठेंगे।”

“आतंकियों को कल्पना से बड़ी सजा मिलेगी” पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुआ आतंकी हमला देश के करोड़ों लोगों को दुखी कर गया है। यह हमला देश की आत्मा पर हमला है और इसका करारा जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा, “जो भी इस हमले में शामिल है या साजिश में शामिल रहा है, उसे ऐसी सजा दी जाएगी जो उनकी कल्पना से भी परे होगी। अब आतंकियों की बची-खुची जमीन को भी मिट्टी में मिलाने का समय आ गया है।”

“भारत दुनिया को देगा जवाब” अपने भाषण के दौरान पीएम मोदी ने हिंदी के साथ-साथ अंग्रेजी में भी एक कड़ा संदेश पूरी दुनिया को दिया। उन्होंने कहा, “From the land of Bihar, I want to tell the world – India will identify, hunt down, and punish every single terrorist and their supporters. No corner of the Earth will be safe for them.” उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि भारत अब आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को एक निर्णायक मोड़ पर ले जाएगा।

बिहार में केंद्र की योजनाएं और गरीबों को राहत पीएम मोदी ने अपने संबोधन में बिहार में केंद्र सरकार की योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आज ही बिहार के करीब डेढ़ लाख परिवारों को नए घरों में गृह प्रवेश का अवसर मिला है और पूरे देश में 15 लाख गरीब परिवारों को नए घरों के निर्माण की स्वीकृति दी गई है। इनमें साढ़े तीन लाख लाभार्थी सिर्फ बिहार से हैं। उन्होंने कहा कि “जो भी वादा किया है, उसे पूरा करना ‘मोदी की गारंटी’ है।”

राष्ट्रीय एकता और वैश्विक समर्थन की अपील अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने दुनिया के तमाम देशों का धन्यवाद किया जो इस मुश्किल समय में भारत के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि “भारत की आत्मा को आतंकवाद कभी नहीं तोड़ सकता। हम हर संभव प्रयास करेंगे कि पीड़ितों को न्याय मिले।”

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भोपाल के भेल कारखाने में कचरे में लगी आग, कई किलोमीटर दूर तक धुआं देखा गया

भोपाल में स्थित भेल (BHEL) कारखाने के गेट नंबर 9 के पास आज कचरे में अचानक आग लग गई, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि आसपास के पेड़ भी चपेट में आ गए और कई किलोमीटर दूर से धुएं का गुबार देखा जा सकता था। घटना के बाद बीएचईएल के कर्मचारी और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई, और आग पर काबू पाने की कोशिश की।

आग लगने के कारण

भेल के प्रवक्ता ने बताया कि आग ड्राइवरों द्वारा फेंके गए कचरे में लगी थी। यह कचरा कारखाने के गेट नंबर 9 के पास था, और इसमें कुछ ज्वलनशील सामग्री भी मौजूद हो सकती है, जिससे आग की लपटें तेजी से बढ़ी। आग लगने के बाद इलाके में भारी धुआं फैल गया, जिससे आसपास के क्षेत्र में दृश्यता कम हो गई और नागरिकों में डर का माहौल बन गया।

दमकल विभाग की तत्परता

सूचना मिलते ही भोपाल नगर निगम और भेल की फायर ब्रिगेड ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया। आग को काफी हद तक नियंत्रित कर लिया गया है, लेकिन कुछ समय तक धुआं फैलता रहा। गनीमत यह रही कि आग में किसी प्रकार के बड़े हादसे की जानकारी नहीं मिली है और न ही किसी के घायल होने की सूचना है।

आईल टंकियों में धमाका?

कुछ स्थानीय निवासियों ने आईल टंकियों में धमाका होने की भी सूचना दी थी, जिसके बाद यह अफवाह फैली कि आग के कारण कोई बड़ा धमाका हो सकता है। हालांकि, भेल के प्रवक्ता ने इस तरह की जानकारी से इनकार किया है और बताया कि स्थिति अब काबू में है।

आगे की कार्रवाई और जांच

स्थानीय प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। आग लगने के कारणों की जांच की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके। प्रशासन ने अब इलाके में निगरानी बढ़ा दी है और सुरक्षा उपायों को सख्त किया है।

संबंधित जानकारी:

  • भेल कारखाना भोपाल में स्थित है, जो भारतीय इंजीनियरिंग उद्योग का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
  • आग लगने की घटनाएं आमतौर पर सुरक्षा और अग्नि सुरक्षा नियमों की अवहेलना की वजह से होती हैं। इस घटना से सुरक्षा उपायों को लेकर फिर से सवाल उठ रहे हैं।
  • आग को नियंत्रण में लाने में दमकल विभाग की तत्परता का बड़ा योगदान रहा है।

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क्या सीमा हैदर को भी छोड़ना होगा भारत? जानिए सरकार के निर्देश और संभावित असर

पृष्ठभूमि:

पिछले दिनों जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। पाकिस्तान को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराते हुए भारत ने सिंधु जल संधि को स्थगित किया, अटारी बॉर्डर बंद किया और सभी पाकिस्तानी नागरिकों को 48 घंटे के भीतर भारत छोड़ने के आदेश दिए।

प्रश्न उठता है: क्या सीमा हैदर को भी भारत छोड़ना पड़ेगा?
सीमा हैदर, जो पाकिस्तान से अवैध रूप से भारत आई थी और अब ग्रेटर नोएडा में भारतीय नागरिक सचिन मीणा के साथ रह रही है, को लेकर सवाल उठने लगे हैं कि क्या वह भी सरकार के इस आदेश के दायरे में आती हैं?

कानूनी स्थिति:
सीमा हैदर का मामला सामान्य पाकिस्तानी नागरिकों से अलग है। उन्होंने भारत में न सिर्फ शादी की है, बल्कि उनके पास एक बच्चा भी है। दिल्ली हाई कोर्ट के वकील अबू बकर सब्बाक के मुताबिक, सीमा की स्थिति पर अंतिम निर्णय उत्तर प्रदेश सरकार और संबंधित केंद्रीय एजेंसियों की रिपोर्ट पर निर्भर करेगा।

क्या हो सकता है अगला कदम?
सरकार द्वारा दिए गए निर्देश व्यापक हैं, परंतु सीमा हैदर का मामला “मानवीय और कानूनी” दोनों दृष्टिकोणों से जटिल है। यदि रिपोर्टें प्रतिकूल होती हैं, तो उन्हें भारत छोड़ना पड़ सकता है, लेकिन विवाह और बच्चों के कारण यह मामला अदालत में जा सकता है।

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